क्या बिहार में बेटियों को न्याय तभी मिलता है, जब मामला विधानसभा पहुंचे
आखिर विधानसभा में मामला उठने के बाद ही क्यों जागी सरकार पहले क्यों नहीं
खगड़िया जिले के बेलदौर थाना क्षेत्र के चौधरी गांव की नाबालिक रिंपा कुमारी के कथित दुष्कर्म और हत्या मामले में बिहार सरकार ने दिया जवाब, जवाब में कहा गया की मुख्य आरोपी ने आत्म समर्पण कर दिया है पिरित परिवार को पशुओं कानून के तहत मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और तत्कालीन बेलदौर थाना अध्यक्ष को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है मामले के जांच फिलहाल सीआईडी कर रही है।
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब सहरसा सदर के विधायक एवं इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर आईपी गुप्ता ने इसे बिहार विधानसभा में उठाया और सरकार से जवाब मांगा इसके बाद सरकार ने चार महीना के बाद पूरे घटनाक्रम की जानकारी प्रस्तुत की।
| आईपी गुप्ता ने विधानसभा में बेलदौर खगड़िया Rimpa Kumari का जिक्र करते रो पड़े |
सरकार के जवाब में क्या-क्या सामने आया
मुख्य आरोपीय अवधेश सिंह ने 19 में 2026 को न्यायालय में आत्म समर्पण किया
आरोपी को न्यायिक सिरसत में मंडल कारा क्रिया भेजा गया
पीड़ित परिवार को पोक्सो अधिनियम के तहत मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू हुई
तत्कालीन बेलदौर थाना अध्यक्ष को गंभीर लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया
पूरे मामले की जांच अब सीआईडी कर रही है
सरकार के जवाब में कई सवाल खड़े हो रहे हैं
अगर यह मामला विधानसभा में नहीं उठाया जाता तो क्या इतनी तेजी से कार्रवाई हो पाती
क्या हर पीड़ित परिवार को न्याय पाने के लिए डर-डर की ठोकरे खानी पड़ेगी
आखिर पुलिस की लापरवाही पहले क्यों नहीं पकड़ी गए
अगर थाना अध्यक्ष पर कार्रवाई हुई तो क्या शुरुआती जांच में कहीं ना कहीं गंभीर चुप हुई होगी
बिहार में ऐसे कितने मामले होंगे जिम आज भी पीड़ित परिवार न्याय का इंतजार कर रहा होगा
कितनी बेटियां ऐसी होगी जिनकी फिर तक दर्ज नहीं हुई होगी या जिनकी शिकायतों पर समय पर कार्रवाई नहीं हुई होगी उन सब का क्या
क्या आम नागरिक को जनता को न्याय तभी मिलेगा जब उसका मामला विधानसभा तक पहुंचेगा या फिर पुलिस और प्रशासन ऐसी व्यवस्था कब विकसित करेंगे जहां हर पीड़ित को बिना किसी सार्वजनिक दबाव के समय पर न्याय मिल सके।
खगड़िया बेलदौर रिंपा कुमारी कांड: Timeline
2025 में बेलदौर थाना में यूडी केस नंबर 10/2025 दर्ज
20 फरवरी 2026 को बिहार विधानसभा में विधायक आईपी गुप्ता ने पीड़िता का जिक्र करते हुए सदन में भावुक हुए और सरकार से न्याय की मांग की।
16 मार्च 2026 पीड़ित परिवार को पोक्सो एक्ट के तहत प्रस्ताव को पोक्सो न्यायालय खगड़िया को भेजा गया
2 अप्रैल 2026 को तत्कालीन बेलदौर थाना अध्यक्ष को लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया।
19 में 2026 को मुख्य आरोपीय अवधेश सिंह ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया।
30 जून 2026 को बिहार सरकार ने विधानसभा में लिखित जवाब देकर बताया कि आरोपी सुरेंद्र कर चुका है प्रेरित परिवार को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया जारी
है और मामले की सीआईडी जांच अभी जारी है।
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