तांती–ततवा, पान और आरक्षण विवाद पर बिहार सरकार का बड़ा खुलासा, कई लंबित मामलों का जवाब आया सामने
तांती-ततवा आरक्षण, पान समाज, श्वेता कुमारी, पूजा भारती, जयनगर नगर परिषद, बेलदौर कांड, EBC, SC अपडेट
तांती (ततवा) जाति को फिर से EBC में बहाल किए जाने के बाद अभ्यर्थियों को SC से EBC में श्रेणी सुधार का अवसर दिया गया।
पूजा भारती का आवेदन EBC में स्वीकार हुआ, लेकिन कट-ऑफ से कम अंक होने के कारण चयन नहीं हुआ।
श्वेता कुमारी की लंबित नियुक्ति का मामला विधायक आईपी गुप्ता द्वारा विधानसभा में उठाए जाने के बाद सरकार ने स्पष्ट किया कि दस्तावेज सत्यापन और कानूनी राय के बाद उन्हें 4 मई 2026 को नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया और उन्होंने योगदान भी दे दिया।
जयनगर नगर पंचायत को नगर परिषद बनाने की मांग पर सरकार ने बताया कि प्रस्ताव प्राप्त हो चुका है, लेकिन जनगणना-2027 के कारण फिलहाल प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव संभव नहीं है।
बेलदौर कांड में आरोपी के आत्मसमर्पण, पीड़ित परिवार के मुआवजे की प्रक्रिया और लापरवाह थानाध्यक्ष के निलंबन की जानकारी भी सरकार ने दी।
सरकार ने यह भी दोहराया कि तांती (ततवा) जाति को EBC सूची में बहाल करने के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका अभी सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है।
क्या है पूरा मामला?
साल 2024 में Supreme Court judgment on Tanti (Tatwa) caste restoration के बाद बिहार सरकार ने तांती (ततवा) जाति को फिर से अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) की सूची में बहाल कर दिया। इसके बाद जिन अभ्यर्थियों ने पहले अनुसूचित जाति (SC) के तहत आवेदन किया था, उन्हें अपना आरक्षण वर्ग बदलने का मौका दिया गया।
सरकार ने ऐसे अभ्यर्थियों से कहा था कि वे ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपनी श्रेणी SC से EBC में सुधार करें और क्रीमीलेयर रहित प्रमाण पत्र भी अपलोड करें।
पूजा भारती का मामला: कट-ऑफ से कम अंक होने के कारण नहीं मिला चयन
सरकारी जवाब के अनुसार पूजा भारती ने समय रहते अपनी श्रेणी SC से EBC में बदल दी और आवश्यक क्रीमीलेयर रहित प्रमाण पत्र भी अपलोड कर दिया।
इसके बाद आयोग ने उन्हें EBC अभ्यर्थी मानकर आगे की प्रक्रिया अपनाई।
हालांकि, वह विज्ञापन संख्या 01/2019 के तहत कनीय अभियंता (विद्युत) पद की अभ्यर्थी थीं। उन्होंने State Board of Technical Education, Sikkim से डिप्लोमा किया था।
पूजा भारती का मेरिट अंक: 59.5896
EBC महिला वर्ग का अंतिम चयन (कट-ऑफ): 61.2000
चूंकि उनका अंक कट-ऑफ से कम था, इसलिए उन्हें चयन सूची में शामिल नहीं किया गया।
श्वेता कुमारी का मामला: पहले रुकी नियुक्ति, बाद में मिली जॉइनिंग
दूसरा मामला श्वेता कुमारी का है, जिन्होंने बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड में टेक्नीशियन ग्रेड-III भर्ती (विज्ञापन संख्या 05/2024) में आवेदन किया था।
श्वेता कुमारी ने दावा किया था कि: SC महिला वर्ग में उनके 64.0952% अंक थे। EBC महिला वर्ग की कट-ऑफ 56.2398% से भी अधिक अंक उनके पास थे।
फिर भी उनकी जॉइनिंग रोक दी गई।
सरकार ने क्या बताया?
सरकार के अनुसार दस्तावेज सत्यापन के दौरान श्वेता कुमारी ने दो अलग-अलग जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए - एक तांती (ततवा), जो EBC श्रेणी में आता है। दूसरा पान, जो SC श्रेणी में आता है। दो अलग-अलग श्रेणियों के प्रमाण पत्र होने के कारण उनकी अभ्यर्थिता लंबित रखी गई।
बाद में 29 अप्रैल 2026 को उन्हें दोबारा दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया गया। इस दौरान उन्होंने शपथ पत्र देकर स्पष्ट किया कि वह तांती (ततवा) अर्थात EBC वर्ग से संबंधित हैं।
इसके बाद विधि विभाग की राय के आधार पर 4 मई 2026 को उन्हें नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया और उन्होंने उसी दिन बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड में योगदान भी दे दिया।
यानी अब श्वेता कुमारी की नियुक्ति पूरी हो चुकी है।
जयनगर नगर पंचायत को नगर परिषद बनाने की मांग
बिहार विधानसभा में एक अन्य याचिका में मधुबनी जिले के जयनगर नगर पंचायत को नगर परिषद बनाने की मांग की गई। याचिका में कहा गया कि बिहार के कई नगर पंचायतों को पिछले वर्षों में नगर परिषद बनाया जा चुका है, लेकिन जयनगर को अब तक अपग्रेड नहीं किया गया।
सरकार का जवाब
सरकार ने बताया कि: सभी जिलाधिकारियों से नए नगर निकाय और क्षेत्र विस्तार का प्रस्ताव मांगा गया था। मधुबनी के जिलाधिकारी ने 13 जनवरी 2026 को जयनगर को नगर परिषद बनाने का प्रस्ताव भेज दिया है। लेकिन फिलहाल भारत की जनगणना 2027 के कारण 31 दिसंबर 2025 से 31 मार्च 2027 तक किसी भी नगर निकाय की सीमा या प्रशासनिक ढांचे में बदलाव पर रोक लगी हुई है। इसलिए अभी इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सकता।
बेलदौर हत्याकांड: आरोपी ने किया आत्मसमर्पण
खगड़िया जिले के बेलदौर के रिम्पा कुमारी हत्याकांड से जुड़े चर्चित मामले में सरकार ने बताया कि लगातार पुलिस दबिश और न्यायालय की कार्रवाई के बाद आरोपी अवधेश सिंह ने 19 मई 2026 को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सरकार ने यह भी बताया कि:
पीड़ित परिवार को पॉक्सो कानून के तहत मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले की जांच जारी है।
तत्कालीन बेलदौर थानाध्यक्ष की गंभीर लापरवाही पाए जाने पर उन्हें निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
तांती (ततवा) फिर EBC में
सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि: Supreme Court judgment on Tanti (Tatwa) caste restoration के बाद तांती (ततवा) जाति को बिहार में अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) की सूची में बहाल किया गया है। इसके खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका (Review Petition) दायर की गई है। फिलहाल यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
इस पूरे घटनाक्रम से तीन बातें साफ होती हैं
जिन अभ्यर्थियों ने समय पर अपनी आरक्षण श्रेणी में संशोधन किया, उनकी पात्रता उसी आधार पर तय की गई।
केवल जाति बदलने से चयन नहीं होगा, मेरिट और कट-ऑफ भी पूरी करनी होगी।
जिन मामलों में दस्तावेजों को लेकर भ्रम था, वहां सत्यापन और कानूनी राय के बाद निर्णय लिया गया।
यह मामला खासकर तांती (ततवा), पान और स्वासी/पान समुदाय के अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे उनकी भर्ती और आरक्षण से जुड़े कई सवालों पर सरकार का आधिकारिक पक्ष सामने आया है।
विधायक आईपी गुप्ता द्वारा विधानसभा में उठाए गए इन मुद्दों पर सरकार के आधिकारिक जवाब से आरक्षण, नियुक्ति, नगर निकाय और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई मामलों की स्थिति स्पष्ट हुई है। इससे खासकर तांती–ततवा–पान समाज और संबंधित अभ्यर्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें