Tanti Tatwa Pan News: पटना हाईकोर्ट में आरक्षण और जातीय पहचान से जुड़े दो अहम मामले

पटना हाईकोर्ट में तांती–ततवा–पान समाज से जुड़े दो अहम मामलों ने आरक्षण और जातीय पहचान के सवाल को फिर चर्चा में ला दिया है।
पहला मामला BSPHCL की Technician Grade-III भर्ती से जुड़ा है। 28 अप्रैल 2026 को पटना हाईकोर्ट ने Niraj Kumar Gupta की याचिका खारिज की। मामला इस बात से जुड़ा था कि तांती–ततवा उम्मीदवारों की श्रेणी SC से EBC में बदले जाने के बाद भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों की कैटेगरी और कटऑफ कैसे लागू होगी। कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार याचिकाकर्ता ने SC से EBC में अपनी श्रेणी अपडेट की थी। उनके 67.9815 अंक थे, जबकि EBC कटऑफ 72.5135 थी। कोर्ट ने BSPHCL की 15 अक्टूबर 2024 की अधिसूचना में हस्तक्षेप नहीं किया।

दूसरा मामला Bihar Gramin Bank बनाम Madhusudan Prasad Tanti का है। 16 जून 2026 को पटना हाईकोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने बैंक की अपील खारिज कर दी। मामला एक कर्मचारी की नियुक्ति और उसके जाति प्रमाण-पत्र से जुड़ा था। रिकॉर्ड में यह भी दर्ज है कि 2014 के बिहार सरकार के एक स्पष्टीकरण में “Pan” को अनुसूचित जाति और बिहार में “Pan” को “Tanti” नाम से भी जाने की बात का उल्लेख था। हाईकोर्ट ने कहा कि कर्मचारी का जाति प्रमाण-पत्र किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा रद्द नहीं किया गया था और गलत घोषणा साबित करने वाला समकालीन दस्तावेज भी रिकॉर्ड पर नहीं था।

यानी एक मामले में तांती–ततवा की आरक्षण श्रेणी बदलने का असर भर्ती और कटऑफ पर सामने आया, जबकि दूसरे मामले में “Pan” और “Tanti” की पहचान से जुड़ा पुराना सरकारी रिकॉर्ड न्यायालय के सामने आया।

इन दोनों फैसलों को साथ पढ़ने पर साफ है कि तांती–ततवा–पान से जुड़े आरक्षण, जातीय पहचान और सरकारी नौकरी के मुद्दे अभी भी कानूनी रिकॉर्ड में महत्वपूर्ण विषय बने हुए हैं।

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