पान समाज की हुई बैठक में आरक्षण वापसी पर आक्रोश, 17 नवंबर को विशाल रैली का ऐलान
पान समाज की हुई बैठक में आरक्षण वापसी पर आक्रोश, 17 नवंबर को विशाल रैली का ऐलान
मधुबनी, बिहार – मधुबनी जिले के मधवापुर प्रखंड के साहरघाट स्थित सरदार चौक पर एसबीआई बैंक के सामने पान समाज की एक आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में अखिल भारतीय पान महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव श्री राम अधीन दास जी ने विशेष रूप से भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता संघ के प्रखंड अध्यक्ष अघोरी दास और सचिव गणेश कुमार दास ने की।
बैठक का उद्देश्य और आक्रोश
बैठक का मुख्य उद्देश्य पान समाज में जागरूकता लाना और आरक्षण वापसी के खिलाफ एकजुटता बनाना था। राष्ट्रीय महासचिव श्री राम अधीन दास ने अपने संबोधन में बिहार सरकार द्वारा पान समाज के आरक्षण वापसी का नोटिफिकेशन जारी करने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से पान समाज के भविष्य पर अंधकार के बादल छा गए हैं, और यह फैसला समाज के लिए सरासर अन्यायपूर्ण है।
उन्होंने कहा, "सरकार ने पहले बिहार एवं केंद्र के अनुसूचित जाति की सूची में पान जाति की उपाधि, सरनेम, और पेशागत नाम तांती और ततमा को शामिल किया था और अनुसूचित जाति की सुविधाएं प्रदान की थीं। लेकिन नौ वर्षों के बाद इस आरक्षण सुविधा को हमसे छीन लिया गया।" उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पान समाज के लोग अपनी स्थिति सुधारने और अपने हक व अधिकार पाने के लिए जागरूक हों और सरकार पर दबाव बनाएं।
आगामी आंदोलन और रैली का आह्वान
इस बैठक का एक प्रमुख उद्देश्य 'हाँको रथ हम पान है' आंदोलन के माध्यम से पान समाज को एकजुट करना और सरकार को उनकी मांगें पूरी करने के लिए मजबूर करना है। बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 17 नवंबर 2024 को जयनगर के +2 उच्च विद्यालय के मैदान में एक विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा। इस रैली में प्रखंड से अधिक से अधिक पान समाज के लोगों को भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया है। रैली का लक्ष्य सरकार तक यह संदेश पहुँचाना है कि पान समाज अपने हक के लिए किसी भी हद तक संघर्ष करने को तैयार है।
सामूहिक समर्थन और प्रमुख उपस्थिति
बैठक में पान समाज के कई महत्वपूर्ण सदस्य शामिल थे, जिन्होंने एकजुट होकर इस आंदोलन का समर्थन किया। इनमें महेंद्र दास, सैनी दास, फेकू दास, तारा देवी, लक्ष्मी दास, रामवृक्ष दास, पूर्व मुखिया बैद्यनाथ दास, छेदी दास, नारायण दास, प्रेम दास, राम वृक्ष दास, जीवछ दास और सिकंदर दास समेत अन्य प्रमुख लोग उपस्थित थे। इन सभी ने एकमत से निर्णय लिया कि वे इस अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे और अधिक से अधिक लोगों को रैली में शामिल होने के लिए प्रेरित करेंगे।
पान समाज का यह आंदोलन एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। 'हाँको रथ हम पान है' आंदोलन के तहत पान समाज अपने हक और पहचान के लिए संगठित होकर संघर्ष करने को तैयार है। आरक्षण वापसी के अन्याय के खिलाफ यह रैली बिहार में एक बड़ा जनांदोलन बन सकता है, और सरकार पर दबाव बना सकता है कि वह इस फैसले पर पुनर्विचार करे। इस आंदोलन में भाग लेने और समर्थन करने के लिए समाज के हर वर्ग से अपील की जा रही है।
आइए, पान समाज के इस संघर्ष में शामिल हों और अपने हक की आवाज को बुलंद करें!
हमें आपकी भागीदारी की ज़रूरत है – यदि आप पान समाज के इस आंदोलन में शामिल होना चाहते हैं, तो 17 नवंबर को जयनगर में होने वाली रैली का हिस्सा बनें और अपने हक की इस लड़ाई में हमारा साथ दें।
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