आई. पी. गुप्ता: सहरसा बनेगा पान समाज की राजधानी
सहरसा से हाँको रथ हम पान आंदोलन का बिगुल: 75वें दिन का इतिहास और आगामी क्रांति का आह्वान
"हाँको रथ हम पान हैं" आंदोलन अपने 75वें दिन पर सहरसा के खमोती गाँव में इतिहास रचने की ओर बढ़ रहा है। आंदोलन के नेतृत्वकर्ता, इंजीनियर आई. पी. गुप्ता ने आज खमोती गाँव से इस क्रांतिकारी यात्रा का एक और अध्याय लिखा। उन्होंने कहा, "सहरसा पान समाज के लिए नई राजधानी बनेगा।"
सहरसा की प्रेरणा
29 सितंबर 2024 को सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर से इस आंदोलन की शुरुआत हुई थी। उस दिन होटल से लेकर है स्कूल के मैदान तक रोड शो और जनसभा ने पान समाज को एक नई दिशा दी। गुप्ता जी ने कहा, "वह दिन सिर्फ एक आंदोलन की शुरुआत नहीं थी, बल्कि पान समाज के अधिकारों के लिए एक युग का उदय था।"
पान समाज की ताकत
गुप्ता जी ने बताया कि सहरसा और सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा क्षेत्रों में पान समाज की आबादी 60,000 से अधिक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह संख्या एक विधायक बनाने की क्षमता रखती है। उन्होंने आगे कहा, "यह लड़ाई सिर्फ आरक्षण की नहीं है, बल्कि पान समाज के आत्मसम्मान और अधिकारों की भी है।"
पटेल मैदान: क्रांति का केंद्र
15 दिसंबर 2024 को सहरसा के पटेल मैदान में "हाँको रथ हम पान हैं" आंदोलन की सबसे बड़ी रैली आयोजित होने जा रही है। इस ऐतिहासिक रैली के लिए गाँव-गाँव से लोग तैयार हो रहे हैं। गुप्ता जी ने साझा किया, "महिलाएँ कर्ज लेकर भी इस रैली में शामिल होने की तैयारी कर रही हैं। यह लड़ाई हमारी पहचान और अस्तित्व की है।"
सोशल मीडिया पर क्रांति
आई. पी. गुप्ता ने आंदोलन को और प्रभावशाली बनाने के लिए लोगों से अपील की कि वे अपने सोशल मीडिया डीपी में "हाँको रथ हम पान हैं" का चिन्ह लगाएँ। उन्होंने कहा, "छोटी-छोटी चीज़ें बड़े बदलाव लाती हैं। फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स हैंडल के जरिए हम इस आंदोलन को अरबों लोगों तक पहुँचा सकते हैं।"
आशा और संकल्प
गुप्ता जी ने विश्वास जताया कि यह आंदोलन बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश में पान समाज के लिए एक नई क्रांति का प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा, "मैंने जो बीड़ा उठाया है, वह सहरसा ने मेरे विश्वास को और मजबूत किया है।"
आने वाले दिनों में "हाँको रथ हम पान हैं" आंदोलन का अगला पड़ाव सहरसा के पटेल मैदान होगा। अब देखना यह है कि 15 दिसंबर को यह आंदोलन कितनी बड़ी भीड़ और समर्थन जुटाने में कामयाब होता है।
"सिर्फ एक नारा नहीं, यह हमारे समाज के लिए नई शुरुआत है।" – आई. पी. गुप्ता
क्या आप 15 दिसंबर को पटेल मैदान में इतिहास रचने के लिए तैयार हैं? सोशल मीडिया डीपी बदलें और इस क्रांति का हिस्सा बनें!
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