78 साल की गुलामी खत्म! पान समाज के राजनीतिक उथल-पुथल से बिहार की पार्टियां बौखलाईं – 13 लाख जुटान से बदलेगा इतिहास ?
पान समाज के उत्थान की लड़ाई: ‘हांको रथ हम पान हैं’ आंदोलन ने जगाई पहचान
पटना | 6 फरवरी 2025
पान समाज की राजनीतिक और सामाजिक पहचान को स्थापित करने के लिए चल रहे ‘हांको रथ हम पान हैं’ आंदोलन ने पूरे बिहार में एक नई चेतना फैला दी है। आंदोलन के नेता इंजीनियर आई.पी. गुप्ता ने एक महत्वपूर्ण लाइव संबोधन में समाज को जागरूक करते हुए कहा कि अब पान समाज की पहचान और मान-सम्मान हमारे ही हाथों में है।
शिखर पर टिके रहना बड़ी चुनौती
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पान समाज को एक ऐसे मुकाम पर ले आया है, जहां से पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता। संघर्ष के बाद मिली इस पहचान को बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने हिमालय के पर्वतारोहियों का उदाहरण देते हुए बताया कि जैसे शिखर पर चढ़ना मुश्किल होता है, वैसे ही वहां टिके रहना और भी कठिन होता है।
“हमने अपनी पहचान को जागरूकता और संघर्ष से पाया है। अब इसे खोने नहीं देंगे।”
राजनीतिक दलों की बौखलाहट
आई.पी. गुप्ता ने स्पष्ट किया कि सभी राजनीतिक दल पान समाज की एकता से घबरा गए हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले समाज की अनदेखी कर रहे थे, वही अब उसे तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
“पहले हमें पंचायत स्तर पर भी स्थान नहीं दिया जाता था, अब पार्टियां खुद आकर हमें जिलाध्यक्ष और प्रखंड अध्यक्ष बनाने की पेशकश कर रही हैं। यह हमारी ताकत का प्रमाण है।”
आरक्षण की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर
उन्होंने जोर देकर कहा कि 13 अप्रैल 2025 को गांधी मैदान में 13 लाख की ऐतिहासिक जुटान होगी, जहां पान समाज अपनी राजनीतिक ताकत दिखाएगा और आरक्षण की मांग को अंतिम लड़ाई तक पहुंचाएगा।
“अब हमारे पास राजनीतिक विकल्प है। हम ठेके पर नहीं बिकेंगे, किसी दल की सभा में मुफ्त की गाड़ी में नहीं जाएंगे। हमारी कीमत अब हमारी पहचान से तय होगी।”
पान समाज का नया भविष्य
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि पान समाज से राजमिस्त्री, मार्बल मिस्त्री ही नहीं, बल्कि विधायक, सांसद, मंत्री, आईएएस और आईपीएस भी निकलें।
“आज हमारी रैलियां किसी भी बड़े राजनीतिक दल से ज्यादा भीड़ खींच रही हैं। अब हमें अपने आंदोलन और अपनी पहचान को मजबूत रखना है।”
13 अप्रैल की रैली पर सबकी नजर
आई.पी. गुप्ता ने आंदोलनकारियों को सचेत करते हुए कहा कि अब समाज के भीतर भी कुछ लोग आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रच सकते हैं। उन्होंने साफ कहा कि अब हमें बिका हुआ नहीं, बल्कि जागरूक समाज बनना है।
आने वाले कार्यक्रम/रैलियां
02.03.2025 - राजगीर
30.03.2025 - पटना सिटी
13.04.2025 - पटना (गांधी मैदान)
पान समाज के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में लोग अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरे हैं। अब यह आंदोलन सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, झारखंड और देश के अन्य हिस्सों में भी फैल रहा है। आने वाले समय में यह लड़ाई निर्णायक होगी, जहां 13 अप्रैल 2025 को पटना के गांधी मैदान में पान समाज अपनी एकता और ताकत का प्रदर्शन करेगा।
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