पहलगाम आतंकी हमला: भारत ने लश्कर-ए-तैयबा को दिया करारा जवाब | जानिए क्या कहा विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने
नई दिल्ली | 7 मई 2025:
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े पाकिस्तानी आतंकियों ने 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की निर्मम हत्या की थी। यह हमला न केवल मानवता के खिलाफ था, बल्कि भारत की संप्रभुता और विकास पर भी एक खुला हमला था।
आज भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस घटना की गंभीरता को दुनिया के सामने रखा और स्पष्ट किया कि भारत चुप बैठने वाला नहीं है। उन्होंने कहा:
"यह हमला जम्मू-कश्मीर में लौटती सामान्य स्थिति को बाधित करने की सुनियोजित साजिश थी। इसमें पर्यटकों को उनके परिवार के सामने गोली मारी गई, ताकि डर और संदेश दोनों फैलाया जा सके।"
भारत का जवाब: सीमापार कार्रवाई
प्रेस ब्रीफिंग में बताया गया कि भारत ने आज सुबह सीमापार आतंकवादियों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाकर कार्रवाई की। यह कदम नपी-तुली, गैर-उत्तेजक (non-escalatory), और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप था।
क्या कहा गया पाकिस्तान को लेकर?
विक्रम मिस्री ने पाकिस्तान पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि:
पाकिस्तान अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकियों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठा रहा।
1267 यूएन कमेटी को भारत ने TRF और लश्कर-ए-तैयबा की गतिविधियों पर साक्ष्य सौंपे थे।
पाकिस्तान लगातार आतंकियों को संरक्षण और मंच (platform) दे रहा है।
अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने की कोशिश
भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के उस बयान का हवाला भी दिया जिसमें आतंकियों, उनके प्रायोजकों और फाइनेंसरों को न्याय के कटघरे में लाने की मांग की गई थी।
आखिर में क्या कहा गया?
"भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कोई भी आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। पाकिस्तान को यह स्पष्ट संदेश है कि आतंक की हर हरकत का जवाब दिया जाएगा।"
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